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नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर: बालेन शाह की पार्टी को भारी बढ़त, युवाओं की लहर से प्रधानमंत्री बनने की राह आसान

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नेपाल की राजनीति में इस बार के आम चुनाव ने अप्रत्याशित बदलाव की तस्वीर पेश कर दी है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में Balen Shah की पार्टी Rastriya Swatantra Party (आरएसपी) को जबरदस्त बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यही रुझान जारी रहे तो नेपाल की सत्ता में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है और बालेन शाह देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
5 मार्च को हुए आम चुनाव के बाद सामने आ रहे रुझानों ने पारंपरिक दलों की राजनीति को चुनौती दे दी है। दशकों से सत्ता के केंद्र में रही पार्टियों को इस बार मतदाताओं ने पीछे धकेल दिया है। खासकर युवाओं और शहरी मतदाताओं का झुकाव बालेन शाह के पक्ष में साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि उनकी पार्टी को कई सीटों पर अप्रत्याशित बढ़त मिल रही है और इसे नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
बालेन शाह का सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर और रैपर के तौर पर पहचान बनाने वाले बालेन ने 2022 में तब सबको चौंका दिया था, जब उन्होंने Kathmandu के मेयर का चुनाव जीत लिया। उस चुनाव में उन्होंने बड़े राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को हराकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। उस समय उन्होंने नेपाली कांग्रेस की उम्मीदवार Srijana Singh और सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता Keshav Sthapit को पीछे छोड़ दिया था।
करीब चार साल बाद अब वही युवा चेहरा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में दिखाई दे रहा है। 35 वर्षीय बालेन शाह को देश का सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं के साथ देखा जा रहा है। उनकी लोकप्रियता केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनका बड़ा प्रभाव है। फेसबुक समेत कई प्लेटफॉर्म पर उनके लाखों समर्थक हैं, जिनसे वह सीधे संवाद करते हैं और पारंपरिक राजनीतिक शैली से अलग छवि पेश करते हैं।
राजनीति में आने से पहले बालेन शाह संगीत और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने Himalayan WhiteHouse International College से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में भारत से उच्च शिक्षा प्राप्त की। तकनीकी समझ, साफ छवि और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
नेपाल की हालिया राजनीतिक परिस्थितियों में भी उनका नाम लगातार चर्चा में रहा। विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अस्थिरता के दौरान कई युवाओं ने उनसे अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने उस समय यह प्रस्ताव ठुकराते हुए स्थायी जनादेश के जरिए सत्ता में आने की बात कही थी।
जनवरी 2026 में उन्होंने औपचारिक रूप से Rastriya Swatantra Party का दामन थामा और उसके बाद चुनावी अभियान को तेज कर दिया। उन्होंने झापा-05 सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिसे लंबे समय से नेपाल के वरिष्ठ नेता K. P. Sharma Oli का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि इस बार के चुनावी माहौल में बालेन की लोकप्रियता ने इस समीकरण को भी बदल दिया है।
1990 में जन्मे बालेन शाह के पिता राम नारायण शाह आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। राजनीति में औपचारिक तौर पर प्रवेश से ठीक पहले उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बावजूद बालेन ने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। वह वर्तमान में Kathmandu University से पीएचडी भी कर रहे हैं।
चुनाव के मौजूदा रुझान संकेत दे रहे हैं कि नेपाल की राजनीति में पारंपरिक नेतृत्व की पकड़ कमजोर पड़ रही है और नई पीढ़ी की राजनीति उभर रही है। यदि अंतिम नतीजे भी इसी दिशा में आते हैं, तो बालेन शाह का नेतृत्व नेपाल में राजनीतिक बदलाव की एक नई कहानी लिख सकता है।

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